Nastik ki prarthana
Material type:
TextPublication details: Noida Hind Yougm 2026Description: 134pISBN: - 9788119555703
- H 201.61 KAU
| Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | Item holds |
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Gandhi Smriti Library | H 201.61 KAU (Browse shelf(Opens below)) | Available | 182002 |
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| H 200.3 ARU Dharm aur sanskriti kosh | H 200.3 ARU Dharm aur sanskriti kosh | H 200.3 ARU Dharm aur sanskriti kosh | H 201.61 KAU Nastik ki prarthana | H 204.2 MAT Matantaran / edited by Madhukar Shyam Chaturvedi and Ram Swaroop Agrawal | H 204.4 DAR Best of speaking tree : hindi sanklan - 3 | H 204.4 GIR V.1 Aadhayatmik Pravachan Sanghrah |
नास्तिक की प्रार्थना मानव कौल का कविता-संग्रह है। कविताओं की ओर लौटने, अपने भीतर के घर में वापस आने और बरसों से बची हुई बात को कह पाने की बेचैनी से जन्मी किताब।
मानव कौल ने अपनी रचनात्मक यात्रा की शुरुआत कविताओं से की थी। फिर नाटक, कहानियाँ और उपन्यास लिखते-लिखते वे अपनी ही भाषा से जैसे कुछ दूर चले गए। भीतर एक भूख बनी रही, घर लौटने की, अपनी पहली आवाज़ तक पहुँचने की। उनके लिए यह घर कविताएँ थीं।
एक उपन्यास पर काम करते हुए जब उसका अंत एक कविता में खुला, तब उन्हें लगा कि वे फिर अपने घर के आसपास हैं, उसकी गलियों, आँगन और गंध के पास। उसी क्षण से कविताएँ लौटने लगीं। यह संग्रह उसी लौटने की यात्रा है।
‘नास्तिक की प्रार्थना’ उन कविताओं की किताब है, जो ‘कुछ कहना छूट गया है’ की टीस और भूख से निकली हैं। इसमें आत्मीयता है, बेचैनी है, स्मृति है और वह स्वाद है, जो लंबे समय बाद घर के खाने में मिलता है।
यह संग्रह पाठक को भी अपने भीतर के किसी पुराने, भूले हुए घर तक ले जा सकता है।

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