Nastik ki prarthana (Record no. 362019)

MARC details
000 -LEADER
fixed length control field 02612nam a22001697a 4500
003 - CONTROL NUMBER IDENTIFIER
control field 0
005 - DATE AND TIME OF LATEST TRANSACTION
control field 20260909165348.0
020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER
ISBN 9788119555703
082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER
Classification number H 201.61 KAU
100 ## - MAIN ENTRY--AUTHOR NAME
Personal name Kaul, Manav
245 ## - TITLE STATEMENT
Title Nastik ki prarthana
260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC. (IMPRINT)
Place of publication Noida
Name of publisher Hind Yougm
Year of publication 2026
300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION
Number of Pages 134p.
520 ## - SUMMARY, ETC.
Summary, etc नास्तिक की प्रार्थना मानव कौल का कविता-संग्रह है। कविताओं की ओर लौटने, अपने भीतर के घर में वापस आने और बरसों से बची हुई बात को कह पाने की बेचैनी से जन्मी किताब।<br/>मानव कौल ने अपनी रचनात्मक यात्रा की शुरुआत कविताओं से की थी। फिर नाटक, कहानियाँ और उपन्यास लिखते-लिखते वे अपनी ही भाषा से जैसे कुछ दूर चले गए। भीतर एक भूख बनी रही, घर लौटने की, अपनी पहली आवाज़ तक पहुँचने की। उनके लिए यह घर कविताएँ थीं।<br/><br/>एक उपन्यास पर काम करते हुए जब उसका अंत एक कविता में खुला, तब उन्हें लगा कि वे फिर अपने घर के आसपास हैं, उसकी गलियों, आँगन और गंध के पास। उसी क्षण से कविताएँ लौटने लगीं। यह संग्रह उसी लौटने की यात्रा है।<br/><br/>‘नास्तिक की प्रार्थना’ उन कविताओं की किताब है, जो ‘कुछ कहना छूट गया है’ की टीस और भूख से निकली हैं। इसमें आत्मीयता है, बेचैनी है, स्मृति है और वह स्वाद है, जो लंबे समय बाद घर के खाने में मिलता है।<br/><br/>यह संग्रह पाठक को भी अपने भीतर के किसी पुराने, भूले हुए घर तक ले जा सकता है।
650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM
Topical Term Philosophy of Religion
9 (RLIN) 21753
942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA)
Koha item type Books
Holdings
Lost status Home library Current library Date acquired Cost, normal purchase price Full call number Accession Number Koha item type Public Note
  Gandhi Smriti Library Gandhi Smriti Library 2026-09-09 199.00 H 201.61 KAU 182002 Books 199.00

Powered by Koha