000 01984nam a22001817a 4500
003 0
005 20260615122543.0
020 _a9789383111374
082 _aCS 294.5522 AGR
100 _aAgrawal, Pramod Kumar
_919660
245 _aMain ram bol rha hoon
260 _aNew Delhi
_bPratibha Pratishthan
_c2018
300 _a95p.
520 _aराम का जीवन भारतीयों के लिए एक आदर्श जीवन है। जन्म से लेकर अंत तक राम का चरित्र एक दीप-स्तंभ है। ऐसे सार्वकालिक राष्‍ट्रीय नायक का कथानक किसी भी कृति को गौरवान्वित करता है। ‘रामचरितमानस’ के धीरोदात्त नायक राम कथनी से अधिक करनी में विश्‍वास रखते थे। अतः उनके जो भी कथन उपलब्ध हैं, वे भारतीय संस्कृति की महत्त्वपूर्ण धरोहर हैं। राम के प्रस्तुत उद्‍घोष तुलसीकृत रामचरितमानस एवं लेखक की समांतर कृति ‘रामचरितमानस ः नाट्य रूप’ से उद्‍धृत किए गए हैं। विश्‍वास है, सुधी पाठक प्रस्तुत कृति से प्रेरणा ग्रहण करके अपने जीवन को सफल बनाएँगे और भारतीय तथा विश्‍व-समाज को समुन्नत करने में योगदान देंगे।.
600 _aCivil Services
_920450
650 _aRamacharitmanas
_920451
942 _cB
999 _c361448
_d361448