| 000 | 02322nam a22001817a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 003 | 0 | ||
| 005 | 20260615121747.0 | ||
| 020 | _a9789351861874 | ||
| 082 | _aCS AGR P | ||
| 100 |
_aAgrawal, Pramod Kumar _919660 |
||
| 245 | _aRadha ki paati krishna ke nam | ||
| 260 |
_aNew Delhi _bPrabhat Prakashan _c2015 |
||
| 300 | _a120p. | ||
| 520 | _aराधा और कृष्ण एक रूप हैं। उनके प्रेम का आधार है—कर्तव्य-पराणयता तथा विश्व-कल्याण की भावना। राधा और कृष्ण के पवित्रतम प्रेम संबंध को ‘राधा की पाती; कृष्ण के नाम’ के माध्यम से परिलक्षित किया गया है; जिसमें संयोग है; वियोग है तथा त्याग की पराकाष्ठा है। रास एवं महारास के माध्यम से दोनों के लौकिक प्रेम को नृत्य द्वारा प्रस्तुत किया गया है; जो सांसारिक मानव को आनंद; सुख तथा शांति प्रदान करेगा। आधुनिक काल में कामना और प्रेम की एकरूपता के विरुद्ध यह एक धर्मयुद्ध है। आशा है कि आधुनिक पीढ़ी इस कृति से प्रेरणा ग्रहण करके प्रेम के वास्तविक रूप को ग्रहण करेगी। उसे आनंद एवं सुख की अनुभूति होगी। RADHA KI PAATI KRISHNA KE NAAM by PRAMOD KUMAR AGRAWAL: Explore the divine love story of Radha and Lord Krishna with this book. It likely delves into the spiritual and mythological aspects of their relationship and the profound symbolism it holds in Hinduism. This book offers readers a deeper understanding of the love and devotion in Hindu mythology. | ||
| 600 |
_aCivil Services _920446 |
||
| 650 |
_aHindi Fiction _920447 |
||
| 942 | _cB | ||
| 999 |
_c361446 _d361446 |
||