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| 082 | _aH CHA S | ||
| 100 |
_aChattopadhay, Sharat Chandra _920440 |
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| 245 | _aBadi didi | ||
| 260 |
_aNew Delhi _bGarima Publishers _c2025 |
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| 300 | _a103p. | ||
| 520 | _aशरतचन्द्र चट्टोपाध्याय बांग्ला भाषा के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार थे। हुगली जिले के देवानंदपुर गांव में 15 सितंबर 1876 में उनका जन्म हुआ। शरतचंद्र के नौ भाई-बहन थे। रवींद्रनाथ ठाकुर और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी का शरत पर गहरा प्रभाव पड़ा। करीब 18 साल की उम्र में उन्होंने "बासा" (घर) नाम से एक उपन्यास लिखा लेकिन यह रचना प्रकाशित नहीं हुई। शरतचन्द्र ललित कला के छात्र थे लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वे इसकी पढ़ाई नहीं कर सके। रोजगार के तलाश में शरतचन्द्र बर्मा गए और लोक निर्माण विभाग में क्लर्क के रूप में काम किया। कुछ समय बर्मा रहकर कलकत्ता लौटने के बाद उन्होंने गंभीरता के साथ लेखन शुरू कर दिया। | ||
| 650 |
_aHindi Fiction _920441 |
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