000 01181nam a22001697a 4500
003 0
005 20260612152157.0
020 _a9789369441358
082 _aH GUL L
100 _aGulati, Lokesh
_920354
245 _aTalash
260 _aNew Delhi
_bVani Prakashan
_c2025
300 _a118p.
520 _a"लोकेश की तलाश भौतिकवाद से हटकर एक अन्दरूनी दुनिया के लिए है जो आधुनिक दुविधाओं की चपेट में आकर हमसे दूर होती जा रही है। —राहुल पण्डिता, लेखक ★★★ संक्षिप्त, सरल और अर्थ से परिपूर्ण। लोकेश का ज्ञान पंक्तियों के माध्यम से बहता है, जो जीवन पर उनके विचारों को प्रतिध्वनित करता है। —वधन, सॉन्ग ऑफ़ द ट्रिनिटी के लेखक "
650 _aHindi Poetry Collection
_920355
942 _cB
999 _c361400
_d361400