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020 _a9789355216403
082 _aCS 342.54 AGR
100 _aAgrawal, Pramod Kumar
_919660
245 _aSupreme court ke 85 aitihasik judgments
260 _aNew Delhi
_bPrabhat Prakashan
300 _a256p.
520 _aसर्वोच्च न्यायालय जो व्याख्या करता है, वही देश का कानून होता है। इस पुस्तक में सर्वोच्च न्यायालय के 85 ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्थापित विधि की व्यवस्था को प्रस्तुत किया गया है । विषय का हिंदी में रूपांतरण अत्यंत जटिल है, अत: सामान्य जन की समझ के लिए प्रथमत: तथ्यों को लिया गया है, फिर निर्णय का मुख्य अंश तथा अंत में मैंने अपना मंतव्य दिया है । सिविल सर्विसेज प्रतियोगितात्मक परीक्षा के लिए, अभ्यर्थी का मंतव्य अत्यंत महत्त्वपूर्ण होता है। प्रयास किया गया है कि समानता के मूल अधिकार से लेकर वर्तमान काल में भूमि सुधार एवं आर्थिक मामलों पर भी सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था प्रकाश में आए । परिशिष्टों में अधिकांश महत्त्वपूर्ण विषयों पर निर्णयों की सूची तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने ही निर्णयों में परिवर्तन की सूची भी दी गई है। बीच-बीच में संविधान के मुख्य-मुख्य प्रावधानों को भी रेखांकित किया गया है ताकि संविधान के उन प्रावधानों से संबंधित निर्णयों को समझने के लिए संविधान की किताब को न खोलना पड़े।
600 _aCivil Services
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650 _aFor UPSC and State Civil Services Examination
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