| 000 | 02826nam a22002057a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 003 | 0 | ||
| 005 | 20260412175934.0 | ||
| 020 | _a9789355181732 | ||
| 082 | _aCS 891.431 KHA | ||
| 100 |
_aKhandelwal, Dheera _910919 |
||
| 100 |
_cIAS _918744 |
||
| 100 |
_d1986 _918841 |
||
| 245 | _aVyom vistar | ||
| 260 |
_aNew Delhi _bVani Prakashan _c2023 |
||
| 300 | _a124 | ||
| 520 | _aधीरा खण्डेलवाल का कविता संसार व्यापक है। उनकी कविताएँ सहज-सरल होती हैं और अन्तर्मन की गहराइयों तक उतर जाती हैं। धीरा जी में छोटे-छोटे सामान्य अनुभवों को कविता में ढालने की अद्भुत प्रतिभा है। वे अपनी कविताओं में सहजता के साथ गहरी और गम्भीर बातें कह जाती हैं। उनमें सीखने की प्रबल इच्छा है। साहित्य की नयी-नयी विधाएँ सीखते समय उनकी बाल-सुलभ जिज्ञासा उनकी विविध कविताओं में दिखती है। धीरा जी की साहित्यिक प्रतिभा नैसर्गिक है। उनकी कविताओं का बिम्ब विधान अद्वितीय होता है। उन्हें जहाँ अलंकार प्रिय हैं, वहीं उनका शब्दकोश भी कमाल का है। धीरा जी की शैली काव्यात्मक चमत्कारों से परिपूर्ण है। उनकी कविता के विषय जीवन के नित नवीन अनुभव होते हैं। इसमें आत्मआनन्द के साथ-साथ जीवन और जगत की सच्चाई का पुट भी रहता है। प्रस्तुत संग्रह व्योम विस्तार में नूतन प्रयोग किया गया है। इसमें धीरा खण्डेलवाल की दस काव्य विधाओं को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। यह नव्यतम प्रयोग पाठकों को पसन्द आयेगा, ऐसा हमारा दृढ़ विश्वास है । | ||
| 600 |
_cCivil Services _918856 |
||
| 650 |
_aHindi Poems _918857 |
||
| 942 | _cDB | ||
| 999 |
_c360747 _d360747 |
||