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_aBrij Lal _918716 |
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| 245 | _aMera jeevan sangharsh | ||
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_aNew Delhi _bPrabhat Prakashan _c2026 |
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| 520 | _aहर सफल इनसान के जीवन में संघर्ष की कहानी अवश्य होती है। हम सफल इनसान को देखकर बहुत खुश होते हैं और उसके लिए गर्व भी महसूस करते हैं, परंतु उसके जीवन की सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी से बिल्कुल अनजान रहते हैं। हम जब जीवन में संघर्ष कर रहे होते हैं तो आंतरिक शांति बनाए रखना बहुत मुश्किल होता है। संघर्ष वह अज्ञात शक्ति है, जो व्यक्ति को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। संघर्षहीन जीवन मृत्यु का पर्याय है, इसलिए संघर्ष के अभाव में जीवन का सच्चा आनंद नहीं उठाया जा सकता है। जीवन में संघर्ष है प्रकृति के साथ, स्वयं के साथ, परिस्थितियों के साथ। हम सबको तरह-तरह के संघर्षों का सामना आए दिन करना पड़ता है और इनसे जूझना भी पड़ता है। जो व्यक्ति संघर्षों का सामना करने से कतराता है, वह जीवन से भी हार जाता है। श्री बृजलाल ने बहुत ही सहजता, सुगमता के साथ विभिन्न विषयों को सुंदर शब्दों में ढालकर इस पुस्तक को पाठकों के समक्ष रखा है। यह पुस्तक लेखक के संघर्ष, उनसे उबरने के लिए आवश्यक संकल्पशक्ति, उनकी जिजीविषा और चुनौतियों का सामना करते हुए जीवन को सार्थकता प्रदान करने की प्रेरक गाथा है। | ||
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_aBiographies - India - Police officers _918725 |
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