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082 _aCS AVI K
100 _aAvinash Kumar
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245 _aGramkahani
260 _aNew Delhi
_bVani Prakashan
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520 _aगाँव का जीवन बहुत लोगों की स्मृतियों में रहता है लेकिन गाँव की कहानी लिखते कितने हैं-युवा लेखक अविनाश कुमार के पहले उपन्यास ग्रामकहानी को पढ़ते हुए सबसे पहले यही बात दिमाग़ में आयी। ग्रामकहानी में जो गाँव है वह 'अहा ग्राम जीवन भी क्या है' के भाव में नहीं है, बल्कि वह गाँव अपने बदले हुए सन्दर्भों के साथ मौजूद है। इसमें गाँव की राजनीति है, समाज का ताना-बाना है, शिक्षा है, लेकिन कुछ भी सही नहीं है। ग्रामीण जीवन की ऐसी ईमानदार और चुटीली कहानी बहुत सालों बाद पढ़ने को मिली। उपन्यास में जैसे 'मैला आँचल' तथा 'राग दरबारी' दोनों का मिश्रण है।
650 _aHindi Fiction
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