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020 _a9789393758088
082 _aH SIN N
100 _aSingh, Neelakshi
_917015
245 _aJinki Mutthiyon Mein Surakh Tha
260 _aNoida
_bSetu Prakashan
_c2022
300 _a230 p.
520 _aजिनकी मुट्ठियों में सुराख था नीलाक्षी सिंह द्वारा लिखित कहानी-संग्रह है। नीलाक्षी सिंह की कहानियाँ अपने कथ्य और शिल्प में असाधारण हैं। इसकी बड़ी वजहों में एक यह है कि जिन विवरणों के सहारे ये कथ्य और शिल्प का निर्माण करती हैं, उसकी द्विध्रुवीयता एक पाठक के रूप में हमें आमंत्रित करती है। नीलाक्षी सिंह की कहानियों में शिल्प कथ्य तक पहुँचने का साधन नहीं रहता, वह खुद ही धीरे-धीरे रासायनिक अन्तक्रियात्मकता के सहारे कथ्य में बदल जाता है।
650 _aKahani
_917016
942 _cB
999 _c360246
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