000 01891nam a22001697a 4500
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005 20260108115119.0
020 _a9788119899418
082 _aH 891.43 PAN
100 _aPandey, Mrityunjay
_916973
245 _aRenu : Kahani Ka Hiraman
260 _aNoida
_bSetu Prakashan
_c2024
300 _a344 p.
520 _aफणीश्वरनाथ रेणु पर बहुत कुछ लिखा गया है लेकिन मृत्युंजय पाण्डेय की यह किताब रेणु : कहानी का हिरामन रेणु सम्बन्धी ढेर सारी आलोचनात्मक सामग्री के बरअक्स कई मायनों में विशिष्ट है। अलबत्ता जैसा कि नाम से ही जाहिर है, इस समीक्षात्मक कृति को लेखक ने रेणु की कहानियों तक सीमित रखा है। पर इससे लाभ यह हुआ कि कहानीकार रेणु के अनूठेपन, उनकी कहानी यात्रा के विभिन्न पड़ावों, उनकी कहानियों की रचना प्रक्रिया और पृष्ठभूमि, उनके शिल्प और कथ्य आदि की विस्तार से चर्चा हो सकी है, और यह विद्यार्थियों व शोधकर्ताओं से लेकर रेणु साहित्य के रसिकों, सभी के लिए कहीं अधिक मूल्यवान साबित होगी।
650 _aPhanishwar Nath Renu
_aAalochana
_916974
942 _cB
999 _c360223
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