| 000 | 01752nam a22001817a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 003 | 0 | ||
| 005 | 20260106113803.0 | ||
| 020 | _a9789395160797 | ||
| 082 | _aH 920 SAR | ||
| 100 |
_aSaraswati, Swami Sahjanand _916868 |
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| 245 | _aMera Jeevan Sangharsh | ||
| 260 |
_aNoida _bSetu Prakashan _c2024 |
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| 300 | _a558 p. | ||
| 520 | _aस्वामी सहजानन्द की जीवनगाथा में यह संघर्ष एक सुस्पष्ट दिशा की ओर बढ़ता हुआ दिखाई देता है-शास्त्र से समाज की ओर, धर्म से धर्मनिरपेक्षता की ओर, समाज सुधार से सामाजिक क्रान्ति की ओर, वर्ग-सामंजस्य से वर्ग-संघर्ष की ओर, वेदान्ती समतावाद से वैज्ञानिक समाजवाद की ओर । ऐसा आत्मसंघर्ष और व्यक्तित्व का ऐसा विलक्षण रूपान्तरण, बहुत कम राष्ट्रनेताओं में देखने को मिलता है। स्वामी सहजानन्द के जीवन संघर्ष की कथा एक महान् राष्ट्रनेता के व्यक्तित्व के विकास और रूपान्तरण की महागाथा के रूप में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। | ||
| 650 |
_aAatmakatha _916869 |
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| 700 |
_aPradhan, Awadhesh _916870 |
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| 942 | _cB | ||
| 999 |
_c360181 _d360181 |
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