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Gunahon ka devta

By: Material type: TextTextPublication details: New Delhi Vani Prakashan 2025Edition: 89th edDescription: 264pISBN:
  • 9789355182449
Subject(s): DDC classification:
  • H BHA D
Summary: गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती के इस उपन्यास का प्रकाशन और इसके प्रति पाठकों का अटूट सम्मोहन हिन्दी साहित्य-जगत् की एक बड़ी उपलब्धि बन गये हैं। दरअसल, यह उपन्यास हमारे समय में भारतीय भाषाओं की सबसे अधिक बिकनेवाली लोकप्रिय साहित्यिक पुस्तकों में पहली पंक्ति में है। लाखों-लाख पाठकों के लिए प्रिय इस अनूठे उपन्यास की माँग आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी कि इसके प्रकाशन के प्रारम्भिक वर्षों में थी।—और इस सबका बड़ा कारण शायद एक समर्थ रचनाकार की कोई अव्यक्त पीड़ा और एकान्त आस्था है, जिसने इस उपन्यास को एक अद्वितीय कृति बना दिया है
List(s) this item appears in: New Arrivals August, 2026
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Item type Current library Call number Status Date due Barcode Item holds
Books Books Gandhi Smriti Library H BHA D (Browse shelf(Opens below)) Checked out to Shilpa Rawat (09051988SHIL) 2026-08-12 181722
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गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती के इस उपन्यास का प्रकाशन और इसके प्रति पाठकों का अटूट सम्मोहन हिन्दी साहित्य-जगत् की एक बड़ी उपलब्धि बन गये हैं। दरअसल, यह उपन्यास हमारे समय में भारतीय भाषाओं की सबसे अधिक बिकनेवाली लोकप्रिय साहित्यिक पुस्तकों में पहली पंक्ति में है। लाखों-लाख पाठकों के लिए प्रिय इस अनूठे उपन्यास की माँग आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी कि इसके प्रकाशन के प्रारम्भिक वर्षों में थी।—और इस सबका बड़ा कारण शायद एक समर्थ रचनाकार की कोई अव्यक्त पीड़ा और एकान्त आस्था है, जिसने इस उपन्यास को एक अद्वितीय कृति बना दिया है

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