Vastushashtriya sandharbh me bharatiya mandiron ki dev murtiyan
Material type:
TextPublication details: New Delhi Research India Press 2025Description: 455pISBN: - 9788197729423
- H 730.954 SHR
| Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | Item holds |
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Gandhi Smriti Library | H 730.954 SHR (Browse shelf(Opens below)) | Available | 181795 |
प्रस्तुत पुस्तक कला की दो विधाओं-वास्तु एवं शिल्प को समन्वित रूप से विवेचित करने वाली प्रथम कृति है। इसमें प्रारम्भिक मध्ययुगीन मंदिर निर्माण के तीन प्रमुख केन्द्रों ओसिया, खजुराहों एवं उड़ीसा के मन्दिरों की देव मूर्तियों का वास्तुशास्त्रीय सन्दर्भ में आलोचनात्मक एवं तुलनात्मक अध्ययन किया गया है।
ओसिया के प्रतिहार कालीन मन्दिर नागर शैली के शैशवावस्था को प्रदर्शित करते हैं, जिनकी चरमावस्था खजुराहो के चन्देल एवं उड़ीसा के गंगवशी मन्दिरों में दिखाई देती है।
यह अध्ययन उपलब्ध सामग्री के विस्तृत एवं सूक्ष्म निरीक्षण पर आधारित है। देव मूर्तियों के लक्षणों का विवेचन करने के अतिरिक्त मन्दिर-वास्तु तथा शास्त्रीय नियमों के सन्दर्भ में उनकी स्थिति का अध्ययन इस पुस्तक का वैशिष्ट्य है।
आशा है यह पुस्तक मन्दिर-वास्तु एवं प्रतिमा विज्ञान के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं जिज्ञासु के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
डॉ. शशिबाला श्रीवास्तव के साथ उपस्थित इनके पति श्री कृष्ण चन्द्र श्रीवास्तव के अथक सहयोग एवं प्रेरणात्मक व्यक्तित्व ने लेखिका को प्रेरित किया और आज यह पुस्तक अपने इस स्वरूप में आपके सामने प्रस्तुत है।

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