Avinash Kumar

Gramkahani - New Delhi Vani Prakashan 2026 - 112

गाँव का जीवन बहुत लोगों की स्मृतियों में रहता है लेकिन गाँव की कहानी लिखते कितने हैं-युवा लेखक अविनाश कुमार के पहले उपन्यास ग्रामकहानी को पढ़ते हुए सबसे पहले यही बात दिमाग़ में आयी। ग्रामकहानी में जो गाँव है वह 'अहा ग्राम जीवन भी क्या है' के भाव में नहीं है, बल्कि वह गाँव अपने बदले हुए सन्दर्भों के साथ मौजूद है। इसमें गाँव की राजनीति है, समाज का ताना-बाना है, शिक्षा है, लेकिन कुछ भी सही नहीं है। ग्रामीण जीवन की ऐसी ईमानदार और चुटीली कहानी बहुत सालों बाद पढ़ने को मिली। उपन्यास में जैसे 'मैला आँचल' तथा 'राग दरबारी' दोनों का मिश्रण है।

9789373481623


Hindi Fiction
Kahaniyan

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