Anchalik kavatiyen : Samagr
Material type:
TextPublication details: New Delhi Little Bird 2025Description: 305pISBN: - 9789363063747
- H 891.431 SHR
| Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | Item holds |
|---|---|---|---|---|---|---|
|
|
Gandhi Smriti Library | H 891.431 SHR (Browse shelf(Opens below)) | Available | 180979 |
घर में मुख्य-द्वार से सटा हुआ ही दाहिने तरफ बाबा (प्यार से हम सभी भाई-बहन कीर्ति-शेष लालाजी को बाबा ही संबोधित करते रहें हैं यद्यपि वे हमारे ताऊ थे) का कमरा था। जिसमें सुविधानुसार उनके सोने-बैठने की व्यवस्था थी। साथ ही उनकी विभिन्न कृतियाँ, पांडुलिपियाँ और उनके जीवन काल में एकत्रित पुस्तकों के सागर में से पुस्तकालयों और स्नेहपात्रों को उपलब्ध कराने और समय-समय पर दीमकों के प्रकोप के पश्चात भी शेष साहित्य अनुकूल स्थान पाने के लिए जूझते हुए से रखे गये थे। यही उनकी अमूल्य धरोहर थी। अपने जीवन के अंतिम समय में भी वे इसके प्रति पर्याप्त सतर्क रहे। बुढ़ापे के कारण लम्बे समय की निःशक्तता और इसके पश्चात बिस्तर पर आ पड़ने पर भी उनकी अनुमति के बिना कमरे के किसी भी सामान अथवा पुस्तकों को इधर से उधर करने की मनाही थी। 07-08 दिनों के अंतराल में सफाई के नाम से बहुएँ ही उनकी प्यार भरी डाँट खाकर कमरे को व्यवस्थित करने का असफल प्रयास किया करती थीं।

There are no comments on this title.