Sonati aur kans ke phul
Material type:
TextPublication details: New Delhi Little Bird 2025Description: 232pISBN: - 9789363065291
- H BAS R
| Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | Item holds |
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Gandhi Smriti Library | H BAS R (Browse shelf(Opens below)) | Available | 180951 | ||
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Gandhi Smriti Library | H BAS R (Browse shelf(Opens below)) | Available | 181683 |
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भारतीय परंपरा में ‘शब्द’ को ”नादा ब्रह्मा“ से विभूषित किया गया है, जो कि सृष्टि की उत्पत्ति एवं ब्रह्मांड के मूल स्वरूप का द्योतक है। दूसरे शब्दों में, ‘शब्द’ केवल साधारण ध्वनि नह° है अपितु यह अर्थ, भाव एवं ज्ञान का वाहक है। हिंदी के मूर्धन्य विद्वान हरिवंश राय बच्चन ने ‘शब्द’ की व्याख्या इस प्रकार की है, ”लाखों-करोड़ों वर्षों के इतिहास में मनुष्य ने महान साधना एवं मूल्य चुकाकर यह कला सीखी होगी कि अक्षरों, शब्दों में कैसे अपनी अनुभूतियों, उपलब्धियों एवं अपने को अवतरित एवं अभिव्यक्त कर दे। शब्दों की यात्रा दुनिया भर में अलौकिक रही है। महान फ्रेंच दार्शनिक ज्यां पाल सात्र्रा ने तो अपनी जीवनी का नाम ही रखा हैμ”द वर्ड।“ जिस प्रकार, अक्षरों से मिलकर शब्द, शब्द से मिलकर वाक्य का निर्माण होता है। ठीक उसी प्रकार, वाक्यों की श्रृंखला को अपने अनुभव, भावना एवं विचार से परिमार्जित कर उसे साहित्यिक विधा में ढ़ालकर जब एक रचनाकार रोचक ढंग से जनमानस को प्रस्तुत करती है, तब यह विधा ‘कहानी’ के रूप में प्रकट होती है। ‘कहानी’ गद्य रूप में लिखी गई एक ऐसी सशक्त विधा है जिसका उद्देश्य पाठकों के मन-मस्तिष्क का समग्रता में ज्ञानवर्धन कर उन्हें सतत चिंतनशील बनाना है।

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