Gitanjali
Material type:
TextPublication details: New Delhi Garima Publishers 2025Description: 317pISBN: - 9788119633838
- RT 891.431 TAG
| Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | Item holds |
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Gandhi Smriti Library | RT 891.431 TAG (Browse shelf(Opens below)) | Available | 181125 |
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| RT 891.4308 RAV V.9 Ravindra Nath Tagore rachanawali | RT 891.4308 TAG Chirkumar Sabha | RT 891.4308 TAG Chirkumar Sabha | RT 891.431 TAG Gitanjali | RT 891.434 THA Pratinidhi nibandh | RT 891.44 BAN Tagore's mystique of dance | RT 891.44 SIN V.1 Encyclopaedia of Indian theatre-5: Rabindranath Tagore |
महाकाव्य का महत्व: 'गीतांजलि' नोबल पुरस्कार विजेता कवी रवींद्रनाथ टैगोर का प्रसिद्ध महाकाव्य है।
समाज के प्रति ज़िम्मेदारी: यह महाकाव्य समाज के मूल्यों और भावनाओं को उजागर करता है।
भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व: 'गीतांजलि' भारतीय संस्कृति और धार्मिक विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता है।
सभ्यता का ध्यान: इसमें मानवता, संवेदनशीलता, और समाजिक न्याय के महत्वपूर्ण सिद्धांतों का मंथन किया गया है।
प्रेरणादायक रचना: यह महाकाव्य हर व्यक्ति को जीवन के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सोचने के लिए प्रेरित करता है।
भावनात्मक संवेदनशीलता: गीतांजलि में उच्च भावनात्मक संवेदनशीलता का वर्णन है, जो पाठकों के दिलों को छूती है।
साहित्यिक महत्व: यह महाकाव्य भारतीय साहित्य के महत्वपूर्ण भाग के रूप में माना जाता है और उसकी महत्वपूर्ण कड़ी में स्थान है।

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