Amazon cover image
Image from Amazon.com
Image from Google Jackets

Goonj

By: Material type: TextTextPublication details: Noida Rekhta publication 2024Description: 182pISBN:
  • 9788198105080
Subject(s): DDC classification:
  • H IND R
Summary: राहत इंदौरी की काव्यशैली को उसकी साहसिकता, सरलता और भावनात्मक तीव्रता के लिए जाना जाता है। उनकी ग़ज़लें अक्सर प्रेम, सामाजिक मुद्दों, और देशभक्ति जैसे विषयों से जुड़ी होती है। उनकी ग़ज़लें गहरी भावनाओं से भरी हुई हैं और आम आदमी से जुड़ी हुई भी हैं, जिससे उनको आम लोगों के बीच सराहा जाता है। उनका लेखन आसान होने के बावजूद असरदार था, जिसमें गहरे अर्थ को सीधे शब्दों में व्यक्त किया गया था। राहत इंदौरी मुख्य रूप से पारम्परिक ग़ज़ल शैली में लिखते थे, जो उर्दू कविता का एक ख़ास रूप है, लेकिन उन्होंने इसमें समकालीन ट्विस्ट दिया। उनकी ग़ज़लें अक्सर आधुनिक दृष्टिकोण से जुड़ी होती थीं, जो समकालीन मुद्दों को पेश करती थीं। उनका काम आज भी पाठकों और श्रोताओं को दुनिया भर में प्रेरित करता है।
List(s) this item appears in: New Arrivals May 2026
Tags from this library: No tags from this library for this title. Log in to add tags.
Star ratings
    Average rating: 0.0 (0 votes)
Holdings
Item type Current library Call number Status Date due Barcode Item holds
Books Books Gandhi Smriti Library H IND R (Browse shelf(Opens below)) Available 181873
Total holds: 0

राहत इंदौरी की काव्यशैली को उसकी साहसिकता, सरलता और भावनात्मक तीव्रता के लिए जाना जाता है। उनकी ग़ज़लें अक्सर प्रेम, सामाजिक मुद्दों, और देशभक्ति जैसे विषयों से जुड़ी होती है। उनकी ग़ज़लें गहरी भावनाओं से भरी हुई हैं और आम आदमी से जुड़ी हुई भी हैं, जिससे उनको आम लोगों के बीच सराहा जाता है। उनका लेखन आसान होने के बावजूद असरदार था, जिसमें गहरे अर्थ को सीधे शब्दों में व्यक्त किया गया था। राहत इंदौरी मुख्य रूप से पारम्परिक ग़ज़ल शैली में लिखते थे, जो उर्दू कविता का एक ख़ास रूप है, लेकिन उन्होंने इसमें समकालीन ट्विस्ट दिया। उनकी ग़ज़लें अक्सर आधुनिक दृष्टिकोण से जुड़ी होती थीं, जो समकालीन मुद्दों को पेश करती थीं। उनका काम आज भी पाठकों और श्रोताओं को दुनिया भर में प्रेरित करता है।

There are no comments on this title.

to post a comment.

Powered by Koha