Jayvardhan
Material type:
TextPublication details: Noida Setu Prakashan 2023 Description: 415 pISBN: - 9788119127184
- H KUM J
| Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | Item holds |
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Gandhi Smriti Library | H KUM J (Browse shelf(Opens below)) | Available | 181380 |
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`जयवर्धन` जैनेन्द्र कुमार का कालजयी उपन्यास है। About the Author: जैनेन्द्र कुमार जन्म: 2 जनवरी 1905, कोड़ियागंज, अलीगढ़ (उ.प्र.) । 1919 में पंजाब से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1920 से स्वतन्त्रता संग्राम के आन्दोलनों में भाग लेना प्रारम्भ किया। 1923 में ऐतिहासिक झण्डा सत्याग्रह में भागीदारी के कारण तीन माह का कारावास। इसी वर्ष से लेखनारम्भ। देश जाग उठा था शीर्षक से लिखा लेख देवी अहिंसे नाम से चर्चित हुआ। 1929 में प्रथम कहानी संग्रह फाँसी और प्रथम उपन्यास परख प्रकाशित। त्यागपत्र उपन्यास (1937) के साथ कथा साहित्य में विधिवत प्रतिष्ठित। अनेक वर्षों तक लेखन व राजनीति में समानरूपेण सक्रिय। 1946 में राजनीतिक सक्रियता से विराग एवं सर्वतोभावेन लेखन व चिन्तन को समर्पित साहित्य अकादेमी की स्थापना (1954) पर पण्डित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में बनी प्रथम उच्चस्तरीय समिति में अबुल कलाम आज़ाद, डॉ. राधाकृष्णन एवं हुमायूँ कबीर के साथ शामिल। मुक्तिबोध उपन्यास पर साहित्य अकादेमी सम्मान (1968)। 1971 में भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण साहित्य अकादेमी की महत्तर सदस्यता तथा अणुव्रत सम्मान से विभूषित (1982)। 1984 में उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान का सर्वोच्च सम्मान भारत भारती। चौरासी वर्ष का तपः पूत यशस्वी जीवन जीकर 24 दिसम्बर 1988 को महाप्रयाण ।

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