Vaasavdutta
Material type:
TextPublication details: Noida 2024 Setu Prakashan Description: 286 pISBN: - 9788197018152
- H MAD M
| Item type | Current library | Call number | Status | Date due | Barcode | Item holds |
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Gandhi Smriti Library | H MAD M (Browse shelf(Opens below)) | Available | 181412 |
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| H MAD M Safed memne | H MAD M Gudari ka lal | H MAD M Vakratund | H MAD M Vaasavdutta | H MAD N Tebhyah Swadha | H MAD N Yamdeep | H MAD N Avarna mahila kanstebal ki dairy |
प्रसिद्ध कवि, कथाकार और आलोचक डॉ. महेंद्र मधुकर का प्रस्तुत उपन्यास ‘वासवदत्ता’ राजा उदयन और राजकुमारी वासवदत्ता की ऐतिहासिक प्रेम-गाथा है, जो ढाई हजार वर्षों से भी अधिक समय से लोक कण्ठों में गूँजती रही है। कालिदास के भी पूर्व नाटककार भास ने ‘स्वप्न वासवदत्ता’ और ‘प्रतिज्ञा यौगन्धरायण’ जैसे नाटकों में इस प्रेम-गाथा का ताना- बाना रचा है। कवि कालिदास ने अपने ‘मेघदूत’ के तीसवें श्लोक में उदयन के प्रेम की मधुर कथा की चर्चा की है। वास्तव में प्रेम एक अशब्द अनुभव है, जो पुरुष या स्त्री के मन में समान रूप से पल्लवित होता है। स्त्री राजनीति या साम्राज्यवाद का मोहरा नहीं बल्कि यज्ञ की अग्नि की तरह धधक उठने वाली ज्वाला है। उदयन वीर और रोमाण्टिक नायक के रूप में अपनी घोषवती वीणा के साथ प्रस्तुत होते हैं और कला ही प्रेम का सूत्रपात करती है। यहाँ प्रेम है तो पीड़ा है और इस पीड़ा में अद्भुत आनन्द का अनुभव होता है। महेंद्र मधुकर का यह उपन्यास आपकी अन्तरात्मा को द्रवित करेगा और इस उपन्यास की भाषा का प्रवाह आपको अपने साथ दूर तक बहा ले जाएगा।

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