Yaar papa (Record no. 361675)
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| 003 - CONTROL NUMBER IDENTIFIER | |
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| 005 - DATE AND TIME OF LATEST TRANSACTION | |
| control field | 20260712155206.0 |
| 020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER | |
| ISBN | 9789392820847 |
| 082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER | |
| Classification number | H DUB D |
| 100 ## - MAIN ENTRY--AUTHOR NAME | |
| Personal name | Dubey, Divya Prakash |
| 245 ## - TITLE STATEMENT | |
| Title | Yaar papa |
| 250 ## - EDITION STATEMENT | |
| Edition statement | 6th ed. |
| 260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC. (IMPRINT) | |
| Place of publication | Noida |
| Name of publisher | Hind Yugm |
| Year of publication | 2025 |
| 300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION | |
| Number of Pages | 223p. |
| 520 ## - SUMMARY, ETC. | |
| Summary, etc | हारे हुए केस जीतना मनोज साल्वे की आदत ही नहीं शौक़ भी था। जब वह कोर्ट में दलील देने के लिए उठता तो जज भी अपनी कुर्सी पर पीठ सीधी करके बैठता। देश की लगभग सभी मैगज़ीन के कवर पर उसकी फ़ोटो आ चुकी थी। देश के सौ सबसे धारदार व्यक्तियों की सूची में उसका नाम पिछले दस साल से हिला नहीं था। देश का बड़े-से-बड़ा अभिनेता, नेता और बिज़नेसमैन सभी मनोज साल्वे के या तो दोस्त थे या होना चाहते थे। मनोज के बारे में कहा जाता था कि पिछले कुछ सालों में कोई भी उससे बड़ा वकील नहीं हुआ। ऐसे में जब लग रहा था कि मनोज के साथ कुछ ग़लत नहीं हो सकता है, ख़बर आती है कि मनोज की लॉ की डिग्री फ़ेक है। इस ख़बर को वह झुठला नहीं पाता। वो आदमी जो हर केस जीत सकता था, वह अपनी बेटी की नज़र में क्यों सबसे बुरा इंसान था? ऐसा क्या था कि उसकी बेटी साशा उससे बात नहीं कर रही थी? क्या मनोज अपनी पर्सनल लाइफ़, अपने करियर को फिर से पटरी पर ला पाएगा? |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical Term | Hindi Novel |
| 9 (RLIN) | 20951 |
| 942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA) | |
| Koha item type | Books |
| Lost status | Home library | Current library | Date acquired | Cost, normal purchase price | Full call number | Accession Number | Koha item type | Public Note |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Gandhi Smriti Library | Gandhi Smriti Library | 2026-07-12 | 299.00 | H DUB D | 181719 | Books | 299.00 |
