Lutiyan ka loktantra (Record no. 361488)
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| 020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER | |
| ISBN | 9789364109246 |
| 082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER | |
| Classification number | H 320.954 CHO |
| 100 ## - MAIN ENTRY--AUTHOR NAME | |
| Personal name | Chougaonkar, Sameer |
| 245 ## - TITLE STATEMENT | |
| Title | Lutiyan ka loktantra |
| 260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC. (IMPRINT) | |
| Place of publication | New Delhi |
| Name of publisher | Anamika Publishers |
| Year of publication | 2025 |
| 300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION | |
| Number of Pages | 211p. |
| 520 ## - SUMMARY, ETC. | |
| Summary, etc | देश में चुनाव आम हो। हर साल किसी ना किसी राज्य का चुनाव होता है। मतदाता अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर या तो सरकार बदल देते हो या किसी दल की सरकार को बरकरार भी रखते हो। लेकिन चुनाव से निकलने वाली राजनीति ने देश में आमूलचूल परिवर्तन किया हो ऐसा भी नज़र नहीं आता। जनता की चुनी हुई सरकारों से देश के नागरिकों को उम्मीद रहती हो कि सरकार युगांतकारी काम करे जिससे देश के नागरिकों के जीवन में कोई क्रांतिकारी और गुणात्मक परिवर्तन आया हुआ देखा और महसूस किया जा सके। तमाम चुनावों की फील्ड रिपोर्टिंग करने और चुनावों को करीब से देखने के बाद ऐसा लगता हो कि दुर्भाग्य से चुनाव हमारे देश में किसी एक को सत्ता से बेदख़ल करने और किसी एक को सत्ता में बनाए रखने का उपक्रम बनकर रह गया हो। चुनावों से जनसरोकार की सरकार नहीं निकली। इसका एक कारण यह भी रहा है कि चुनाव उन सवालों पर नहीं होते जिनसे हमारी ज़िंदगी प्रभावित होती है। वोट देकर सरकार बनाना और वोट लेकर सरकार बनना लोकतंत्र का एकमात्रा लक्ष्य नहीं है। लोकतंत्र सिर्फ इस कसरत का नाम नहीं है, ना इसमें एक अकेली राजनीतिक कार्यवाही वोट देना है। लोकतंत्र, राजनीति और प्रशासन में लोक की भागीदारी और उसके ज़रिए सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन करना है। राजनीति आज जिस गहरे तक भारतीय मानस के मन में बस गई है, उसे देखते हुए क्या यह मान लिया जाए कि राजनीति ही समाज की मुख्य चालक शक्ति है? क्या राजनीति से परे की सारी प्रेरणाएँ समाज से ख़त्म हो गई है? क्या भारत का भविष्य, भारत की जनता का जीवन पूरी तरह से राजनीति पर निर्भर होकर रह गया है। अगर ऐसा है तो देश और समाज के लिए सच में यह गंभीर संकट की आहट है। लुटियन का लोकतंत्रा शीर्षक से लिखी गई इस किताब में गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव के साथ महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक उठापटक पर लिखे लेख तो शामिल हैं ही, इसके अलावा सामाजिक विषयों पर लिख लेखों को भी जगह दी गई है। राजनीति पर लिखना मेरा प्रिय शग़ल है। |
| 650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM | |
| Topical Term | Lutyens' Democracy |
| 9 (RLIN) | 20535 |
| 942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA) | |
| Koha item type | Books |
| Lost status | Home library | Current library | Date acquired | Cost, normal purchase price | Full call number | Accession Number | Koha item type | Public Note |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Gandhi Smriti Library | Gandhi Smriti Library | 2026-06-17 | 700.00 | H 320.954 CHO | 181123 | Books | 700.00 |
