Maa (Record no. 361374)

MARC details
000 -LEADER
fixed length control field 07404nam a22001697a 4500
003 - CONTROL NUMBER IDENTIFIER
control field 0
005 - DATE AND TIME OF LATEST TRANSACTION
control field 20260611171222.0
020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER
ISBN 9788119633678
082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER
Classification number H GOR M
100 ## - MAIN ENTRY--AUTHOR NAME
Personal name Gorky, Maxim
245 ## - TITLE STATEMENT
Title Maa
260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC. (IMPRINT)
Place of publication New Delhi
Name of publisher Garima Publishers
Year of publication 2025
300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION
Number of Pages 383p.
520 ## - SUMMARY, ETC.
Summary, etc हम क्रान्तिकारी हैं और उस समय तक क्रान्तिकारी रहेंगे जब तक इस दुनिया में यह हालत रहेगी कि कुछ लोग सिर्फ हुक्म देते हैं और कुछ लोग सिर्फ काम करते हैं। हम उस समाज के खलिाफ हैं जिनके हितों की रक्षा करने की आप जज लोगों को आज्ञा दी गयी है। हम उसके कट्टर दुश्मन हैं और आपके भी और जब तक इस लड़ाई में हमारी जीत न हो जाय, हमारी और आपकी कोई सुलह न नहीं है। और हम मजदूरों की जीत की है!' आपके मालिक उतने ताकतवर नहीं हैं। जितना कि वे अपने आपको समझते हैं। यही सम्पत्ति जिसे बटोरने और जिसकी रक्षा करने के लिए वे अपने एक इशारे पर लाखों लोगों की जान कुर्बान कर देते हैं, वही शक्ति जिसकी बदौलत वे हमारे ऊपर शासन करते हैं, उनके बीच आपसी झगड़ों का कारण बन जाती है और उन्हें शारीरिक तथा नैतिक रूप से नष्ट कर देती हैं। सम्पत्ति की रक्षा करने के लिए उन्हें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ती है। असल बात तो यह है कि आप सब लोग, जो हमारे मालिक बनते हैं हमसे ज्यादा गुलाम हैं। हमारा तो सिर्फ शरीर गुलाम है, लेकिन आपकी आत्मायें गुलाम हैं । आपके कंधे पर आपकी आदतों और पूर्वखधारणाओं का जो जुआ रखा है उसे आप उतारकर फेंक नहीं सकते। लेकिन हमारी आत्मा पर कोई बंधन नहीं है। आप हमें जो जहर पिलाते रहते हैं वह उन जहरमार दवाओं से कहीं कमजोर होता है जो आप हमारे दिमागों में अपनी मर्जी के ख़लिाफ उँडेलते रहते हैं। हमारी चेतना दिनखबखदिन बढ़ती जा रही है और सबसे अच्छे लोग, वे सभी लोग जिनकी आत्मायें शुद्ध हैं हमारी और खिंचकर आ रहे हैंय इनमें आपके वर्ग के लोग भी हैं। आप ही देखिये-आपके पास कोई ऐसा आदमी नहीं है जो आपके वर्ग के सिद्धान्तों की रक्षा कर सके; आपके वे सब तर्क खोखले हो चुके हैं जो आपको इतिहास के न्याय के घातक प्रहार से बचा सकें, आपमें नये विचारों को जन्म देने की क्षमता नहीं रह गयी है, आपकी आत्मायें निर्जन हो चुकी हैं। हमारे विचार बढ़ रहे हैं, अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं, वे जननसाधारण में प्रेरणा फेंक रहे हैं और उन्हें स्वतंत्रता के संग्राम के लिए संगठित कर रहे हैं। यह जानकर कि मजदूर वर्ग की भूमिका कितनी महान है, सारी दुनिया के मजदूर एक महान शक्ति के रूप में संगठित हो रहे हैं-नया जीवन लाने की जो प्रक्रिया चल रही है उसके मुकाबले में आपके पास करता और बेहयाई के अलावा और कछ नहीं है। परन्त आपकी बेहयाई भोंडी है और आपकी करता से हमारा क्रोध और बढ़ता है। जो हाथ आज हमारा गला घोंटने के लिए इस्तेमाल किये जाते हैं वही कल साथियों की तरह हमारे हाथ थाम लेने को आगे बढ़ेंगे। आपकी शक्ति धन बढाते रहने की मशीनी शक्ति है, उसने आपको ऐसे दलों में बाँट दिया है जो एकखदूसरे को खा जाना चाहते हैं। हमारी शक्ति सारी मेहनतकश जनता की एकता की निरन्तर बढ़ती हुई चेतना की जीवनख्रशक्ति में है। आप लोग जो कुछ करते हैं वह पापियों का काम है, क्योंकि वह लोगों को गुलाम बना देता है। आप लोगों के मिथ्या प्रचार और लोभ ने पिशाचों और राक्षसों की अलग एक दुनिया बना दी है जिसका काम लोगों को डरानाख्रधमकाना है। हमारा काम जनता को इन पिशाचों से मुक्त कराना है। आप लोगों ने मनुष्य को जीवन से अलग करके नष्ट कर दिया है। समाजवाद आपके हाथों टुकड़ेखटुकड़े की गयी दुनिया को जोड़कर एक महान रूप देता है और यह होकर रहेगा।.
650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM
Topical Term Novel
9 (RLIN) 20290
942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA)
Koha item type Books
Holdings
Lost status Home library Current library Date acquired Cost, normal purchase price Full call number Accession Number Koha item type Public Note
  Gandhi Smriti Library Gandhi Smriti Library 2026-06-11 1295.00 H GOR M 181910 Books 1295.00
  Gandhi Smriti Library Gandhi Smriti Library 2026-06-15 1295.00 H GOR M 181128 Books 1295.00

Powered by Koha