Sampoorna Kahaniyan (Record no. 360814)

MARC details
000 -LEADER
fixed length control field 03628nam a22001697a 4500
003 - CONTROL NUMBER IDENTIFIER
control field 0
005 - DATE AND TIME OF LATEST TRANSACTION
control field 20260429180041.0
020 ## - INTERNATIONAL STANDARD BOOK NUMBER
ISBN 9788199312258
082 ## - DEWEY DECIMAL CLASSIFICATION NUMBER
Classification number H VAL O
100 ## - MAIN ENTRY--AUTHOR NAME
Personal name Valmiki, Omprakash
245 ## - TITLE STATEMENT
Title Sampoorna Kahaniyan
260 ## - PUBLICATION, DISTRIBUTION, ETC. (IMPRINT)
Place of publication Delhi
Name of publisher Radha Krishan Prakashan
Year of publication 2025
300 ## - PHYSICAL DESCRIPTION
Number of Pages 423p.
520 ## - SUMMARY, ETC.
Summary, etc ओमप्रकाश वाल्मीकि अपनी कहानियों को अपने अनुभव-जगत की त्रासद‌ियों और दुखों से उपजी सामाजिक संवेदना का प्रत‌िबिम्ब कहते थे। वे उनके भोगे हुए यथार्थ से उपजी हैं और उस यथार्थ को बदलने की प्रत‌िबद्धता को रेखांकित करती हैं। उनके किरदारों को हम आज भी अपने आसपास देख सकते हैं। ये किरदार अपने स्वाभिमान और आत्मविश्वास के लिए संघर्ष करते हैं, अपने हीनताबोध से लड़ते हुए समाज में मनुष्यता की आधारभूत भावना को भी स्थापित करते हैं। दलित समाज के अपने अन्तर्विरोधों और कमज़ोरियों को भी उन्होंने अनदेखा नहीं किया। अपनी कहानियों के ज़रिये उन्होंने इस विडम्बना की तरफ़ भी ध्यान खींचा कि सवर्ण समाज की व्यवस्था थोड़े बदले हुए रूप में दल‌ितों के भीतर भी मौजूद है जिससे मुक्ति के लिए भीतर और बाहर दोनों जगह संघर्ष करने की ज़रूरत है।<br/><br/>उल्लेखनीय है कि आदिवासी‌ विमर्श के मुख्यधारा में आने से कई वर्ष पूर्व उनकी कहानियों में आदिवासी पात्र और उनका जीवन देखने को मिलने लगा। इसी तरह मुस्लिम पात्र भी उनकी कथा-संरचना से कभी तिरोहित नहीं हुए। उनकी कहानियाँ दरअसल शोषित और दमित के साथ खड़ी होती हैं। सवर्ण स्त्रियाँ भी अपने परिवार के पुरुषों के अत्याचार का शिकार कैसे बनती हैं, इसे भी उनकी कहानियों में देखा जा सकता है।<br/><br/>ओमप्रकाश वाल्मीकि की सम्पूर्ण कहानियों की यह प्रस्तुति, आशा है, उनकी साहित्य-संवेदना और विचार-दृष्टि की व्यापकता को समझने में मददगार साबित होगी।<br/>
650 ## - SUBJECT ADDED ENTRY--TOPICAL TERM
Topical Term Hindi Story
9 (RLIN) 19006
942 ## - ADDED ENTRY ELEMENTS (KOHA)
Koha item type Books
Holdings
Lost status Home library Current library Date acquired Cost, normal purchase price Full call number Accession Number Koha item type Public Note
  Gandhi Smriti Library Gandhi Smriti Library 2026-04-29 499.00 H VAL O 181875 Books 499.00

Powered by Koha