Shankardev ke naat
Baishya, Rita Moni
Shankardev ke naat - New Delhi Vani Prakashan 2025 - 318p.
श्रीमन्त शंकरदेव के नाटों का पहला हिन्दी अनूदित संस्करण "शंकरदेव के नाट' साहित्यिक एवं ऐतिहासिक दोनों दृष्टियों से एक अति अभिनव पुस्तक है। मूल असमीया ब्रजावली (ब्रजबुलि) भाषा से अनूदित यह पुस्तक असम के महान सन्त-भक्त साहित्यकार शंकरदेव की अमर नाट्य कृतियों को सैकड़ों सालों बाद भाषिक बन्धन से मुक्त कर व्यापक धरातल प्रदान करती है। असमीया ब्रजावली में लिखित शंकरदेव के नाटों के लिप्यन्तरण से पाठकों को मूल भाषा की बारीकियों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त इस पुस्तक का अन्य एक प्रमुख पक्ष इनका पाठालोचन है, जो इन प्राचीन नाटों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सन्दर्भों को बोध कराने में अन्तर्दृष्टि प्रदान करता है। " शंकरदेव के नाट" भारतीय भक्ति आन्दोलन पर नया प्रकाश डालते हुए भक्ति साहित्य में शोध के नए आयाम खोलते हैं। हिन्दी के पाठकों, खासकर भक्ति साहित्य के मर्मज्ञों तथा भारतीय आंचलिक साहित्य तथा पूर्वोत्तर भारत पर रुचि रखने वाले पाठकों और शोधार्थियों के लिए निश्चित रूप से “शंकरदेव के नाट” महत्त्वपूर्ण पाठ्य सामग्री है।
9789369447503
Hindi Natak
H BAI R
Shankardev ke naat - New Delhi Vani Prakashan 2025 - 318p.
श्रीमन्त शंकरदेव के नाटों का पहला हिन्दी अनूदित संस्करण "शंकरदेव के नाट' साहित्यिक एवं ऐतिहासिक दोनों दृष्टियों से एक अति अभिनव पुस्तक है। मूल असमीया ब्रजावली (ब्रजबुलि) भाषा से अनूदित यह पुस्तक असम के महान सन्त-भक्त साहित्यकार शंकरदेव की अमर नाट्य कृतियों को सैकड़ों सालों बाद भाषिक बन्धन से मुक्त कर व्यापक धरातल प्रदान करती है। असमीया ब्रजावली में लिखित शंकरदेव के नाटों के लिप्यन्तरण से पाठकों को मूल भाषा की बारीकियों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त इस पुस्तक का अन्य एक प्रमुख पक्ष इनका पाठालोचन है, जो इन प्राचीन नाटों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सन्दर्भों को बोध कराने में अन्तर्दृष्टि प्रदान करता है। " शंकरदेव के नाट" भारतीय भक्ति आन्दोलन पर नया प्रकाश डालते हुए भक्ति साहित्य में शोध के नए आयाम खोलते हैं। हिन्दी के पाठकों, खासकर भक्ति साहित्य के मर्मज्ञों तथा भारतीय आंचलिक साहित्य तथा पूर्वोत्तर भारत पर रुचि रखने वाले पाठकों और शोधार्थियों के लिए निश्चित रूप से “शंकरदेव के नाट” महत्त्वपूर्ण पाठ्य सामग्री है।
9789369447503
Hindi Natak
H BAI R
