Gaon-Gaon ki kahaniyan
Agrawal, Pramod Kumar
Gaon-Gaon ki kahaniyan - New Delhi Vidya Vikas Academy 2019 - 151p.
‘गाँव-गाँव की कहानियाँ’ डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल का द्वितीय कहानी-संग्रह है। प्रस्तुत कहानी संग्रह में सोलह कहानियाँ संकलित हैं; जिसमें कुछ लंबी; कुछ मध्यम तथा कुछ छोटी कहानियाँ हैं। सभी कहानियों का विषय पृथक्-पृथक् है। इन कहानियों में लेखक ने हिंदी साहित्य के कुछ अनछुए विषयों को चुना है। ‘ग्राम प्रधान की प्रेमिका’; ‘पट्टादार ननुआ’; ‘बटाईदार काने खाँ’; ‘विडंबना’; ‘वृद्धा’; ‘सूरज ’ कहानियाँ ग्रामीण भारत को सजीव उपस्थित करती हैं; जबकि ‘नगेन सब्जीवाला’ तथा ‘इस्माइल मिस्त्री’ कहानियाँ महानगरीय परिवेश पर आधारित हैं। ‘राजू-ऑपरेटर ’ तथा ‘चाय की दुकान’ कहानियों में कस्बे की पृष्ठभूमि का स्पंदन है।
‘सत्तर वर्षीय मुकदमा’ तथा ‘न्याय की खोज में अन्याय’ कहानियाँ भारतीय न्याय-व्यवस्था पर कटाक्ष हैं। ‘अरावली और ऐरावत’ और ‘रणनीति’ क्रमशः हाथियों तथा बंदरों के जीवन पर आधारित हैं। सभी कहानियों में लेखक का वैविध्यपूर्ण अनुभव; विज्ञान का स्पर्श तथा जीवन के प्रति उनका सकारात्मक दर्शन प्रतिबिंबित होता है। वे अपनी कहानियों के माध्यम से हिंदी साहित्य में लोक संग्रहात्मक कहानियों का नया दौर आरंभ कर रहे हैं; जो कुछ समय से विलुप्त सा हो रहा था।
Gaon-Gaon Ki Kahaniyan by Dr. Pramod Kumar Agrawal: "Gaon-Gaon Ki Kahaniyan" authored by Dr. Pramod Kumar Agrawal is a collection of stories that celebrate the rich tapestry of rural life in India.
9789384343958
Civil Services
Hindi Stories
CS AGR P
Gaon-Gaon ki kahaniyan - New Delhi Vidya Vikas Academy 2019 - 151p.
‘गाँव-गाँव की कहानियाँ’ डॉ. प्रमोद कुमार अग्रवाल का द्वितीय कहानी-संग्रह है। प्रस्तुत कहानी संग्रह में सोलह कहानियाँ संकलित हैं; जिसमें कुछ लंबी; कुछ मध्यम तथा कुछ छोटी कहानियाँ हैं। सभी कहानियों का विषय पृथक्-पृथक् है। इन कहानियों में लेखक ने हिंदी साहित्य के कुछ अनछुए विषयों को चुना है। ‘ग्राम प्रधान की प्रेमिका’; ‘पट्टादार ननुआ’; ‘बटाईदार काने खाँ’; ‘विडंबना’; ‘वृद्धा’; ‘सूरज ’ कहानियाँ ग्रामीण भारत को सजीव उपस्थित करती हैं; जबकि ‘नगेन सब्जीवाला’ तथा ‘इस्माइल मिस्त्री’ कहानियाँ महानगरीय परिवेश पर आधारित हैं। ‘राजू-ऑपरेटर ’ तथा ‘चाय की दुकान’ कहानियों में कस्बे की पृष्ठभूमि का स्पंदन है।
‘सत्तर वर्षीय मुकदमा’ तथा ‘न्याय की खोज में अन्याय’ कहानियाँ भारतीय न्याय-व्यवस्था पर कटाक्ष हैं। ‘अरावली और ऐरावत’ और ‘रणनीति’ क्रमशः हाथियों तथा बंदरों के जीवन पर आधारित हैं। सभी कहानियों में लेखक का वैविध्यपूर्ण अनुभव; विज्ञान का स्पर्श तथा जीवन के प्रति उनका सकारात्मक दर्शन प्रतिबिंबित होता है। वे अपनी कहानियों के माध्यम से हिंदी साहित्य में लोक संग्रहात्मक कहानियों का नया दौर आरंभ कर रहे हैं; जो कुछ समय से विलुप्त सा हो रहा था।
Gaon-Gaon Ki Kahaniyan by Dr. Pramod Kumar Agrawal: "Gaon-Gaon Ki Kahaniyan" authored by Dr. Pramod Kumar Agrawal is a collection of stories that celebrate the rich tapestry of rural life in India.
9789384343958
Civil Services
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CS AGR P
