Talash

Gulati, Lokesh

Talash - New Delhi Vani Prakashan 2025 - 118p.

"लोकेश की तलाश भौतिकवाद से हटकर एक अन्दरूनी दुनिया के लिए है जो आधुनिक दुविधाओं की चपेट में आकर हमसे दूर होती जा रही है। —राहुल पण्डिता, लेखक ★★★ संक्षिप्त, सरल और अर्थ से परिपूर्ण। लोकेश का ज्ञान पंक्तियों के माध्यम से बहता है, जो जीवन पर उनके विचारों को प्रतिध्वनित करता है। —वधन, सॉन्ग ऑफ़ द ट्रिनिटी के लेखक "

9789369441358


Hindi Poetry Collection

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