Bhartiya Prabadhan Paddhati
Agrarwal, Pramod Kumar
Bhartiya Prabadhan Paddhati - New Delhi Vani Prakashan 2008 - 86p.
‘भारतीय प्रबन्धन पद्धति’ में समृद्ध भारतीय संस्कृति की विचारधाराओं का आधुनिक प्रबन्धन की धारणाओं के साथ सामंजस्य प्रस्तुत किया गया है। वैदिक समय से लेकर मध्ययुगीन, आधुनिक तथा अधुनातन भारत में प्रचलित प्रबन्धन की व्यवस्था भी की गयी है। आधुनिक प्रबन्धन के गुरु प्रोफेसर पीटर ड्रकर ने विश्वास प्रकट किया है कि सूर्य पूर्व से उदय होगा-शायद चीन या भारत से। इस पुस्तक में प्रस्तुत अवधारणाएँ भारत में कार्यरत प्रत्येक प्रबन्धक के लिए अति उपयोगी होंगी।
978818143
Civil Services
General management
CS 658.954 AGR
Bhartiya Prabadhan Paddhati - New Delhi Vani Prakashan 2008 - 86p.
‘भारतीय प्रबन्धन पद्धति’ में समृद्ध भारतीय संस्कृति की विचारधाराओं का आधुनिक प्रबन्धन की धारणाओं के साथ सामंजस्य प्रस्तुत किया गया है। वैदिक समय से लेकर मध्ययुगीन, आधुनिक तथा अधुनातन भारत में प्रचलित प्रबन्धन की व्यवस्था भी की गयी है। आधुनिक प्रबन्धन के गुरु प्रोफेसर पीटर ड्रकर ने विश्वास प्रकट किया है कि सूर्य पूर्व से उदय होगा-शायद चीन या भारत से। इस पुस्तक में प्रस्तुत अवधारणाएँ भारत में कार्यरत प्रत्येक प्रबन्धक के लिए अति उपयोगी होंगी।
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