Mera Jeevan Sangharsh
Saraswati, Swami Sahjanand
Mera Jeevan Sangharsh - Noida Setu Prakashan 2024 - 558 p.
स्वामी सहजानन्द की जीवनगाथा में यह संघर्ष एक सुस्पष्ट दिशा की ओर बढ़ता हुआ दिखाई देता है-शास्त्र से समाज की ओर, धर्म से धर्मनिरपेक्षता की ओर, समाज सुधार से सामाजिक क्रान्ति की ओर, वर्ग-सामंजस्य से वर्ग-संघर्ष की ओर, वेदान्ती समतावाद से वैज्ञानिक समाजवाद की ओर । ऐसा आत्मसंघर्ष और व्यक्तित्व का ऐसा विलक्षण रूपान्तरण, बहुत कम राष्ट्रनेताओं में देखने को मिलता है। स्वामी सहजानन्द के जीवन संघर्ष की कथा एक महान् राष्ट्रनेता के व्यक्तित्व के विकास और रूपान्तरण की महागाथा के रूप में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
9789395160797
Aatmakatha
H 920 SAR
Mera Jeevan Sangharsh - Noida Setu Prakashan 2024 - 558 p.
स्वामी सहजानन्द की जीवनगाथा में यह संघर्ष एक सुस्पष्ट दिशा की ओर बढ़ता हुआ दिखाई देता है-शास्त्र से समाज की ओर, धर्म से धर्मनिरपेक्षता की ओर, समाज सुधार से सामाजिक क्रान्ति की ओर, वर्ग-सामंजस्य से वर्ग-संघर्ष की ओर, वेदान्ती समतावाद से वैज्ञानिक समाजवाद की ओर । ऐसा आत्मसंघर्ष और व्यक्तित्व का ऐसा विलक्षण रूपान्तरण, बहुत कम राष्ट्रनेताओं में देखने को मिलता है। स्वामी सहजानन्द के जीवन संघर्ष की कथा एक महान् राष्ट्रनेता के व्यक्तित्व के विकास और रूपान्तरण की महागाथा के रूप में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
9789395160797
Aatmakatha
H 920 SAR
