Subha

Mishra, Kamlakar

Subha - Delhi Shivank prakeshan 2022. - 138 p.

इस संकलन का शीर्षक जिस कहानी से लिया गया है वो एक ऐसे आदर्श समाज के स्वप्न की कहानी है जिसमे बेटी के गुणों का मूल्यांकन दहेज से ऊपर करने की कल्पना की गयी है। लगभग सभी कहानियाँ सच्ची घटनाओं पर आधारित है जिनमे पात्रों, स्थानों एवं शहरों के नामों में परिवर्तन किया गया है! आरक्षण, प्रेम, संकोच, समर्पण, लोभ, स्वार्थ, रिश्तों की व्यावसायिकता इत्यादि विषयों पर कुल मिलाकर १६ कहानियों का ये संग्रह अनुभव एवं चिंतन का संयोजन है जिसमे सन्देश भी है और मनोरंजन भी! मृगतृष्णा भी है मृग मरीचिका भी ! वर्तमान परिदृश्य में कार्यस्थल में होने वाले कर्मचारी शोषण का भी वर्णन है तो संकोच के कारण दम तोड़ते प्रेम की व्यथा भी है ! पारिवारिक सामाजिक मर्यादाओं की सीमा रेखा में कैद असफल प्रेम कहानी है तो मित्रों के प्रगाढ़ सम्बन्ध की भी कहानी है इस संकलन में! हर कहानी कहीं न कहीं समाज में हमारे आस पास की घटनाओं की गवाही देती है !

9788194971399


Kamlakar Mishra 'Kamal'
Hindi fiction

H MIS K

Powered by Koha